बौद्धिक वितंडावादियों से सावधान रहने की जरूरत है
ट्रंप का बयान, भारत का सत्य और फैलाया जा रहा नकारात्मक नैरेटिव आज का समय केवल कूटनीति और अर्थव्यवस्था का नहीं, बल्कि नैरेटिव के युद्ध का भी समय है। अंतरराष्ट्रीय राजनीति में कई बार वास्तविक घटनाओं से अधिक महत्व उस कहानी को मिल जाता है, जो उन घटनाओं के इर्द-गिर्द गढ़ी जाती है। हाल ही में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump द्वारा दिया गया एक बयान और उसके बाद भारत में फैलाया गया विमर्श इसी प्रकार की एक घटना है, जिसने यह दिखा दिया कि किस प्रकार एक आधा-सच पूरे देश में भ्रम का वातावरण बना सकता है। ट्रंप ने यह दावा किया कि अमेरिका ने भारत को रूस से तेल खरीदने के लिए 30 दिन की अनुमति (waiver) दी है। यह बयान सुनते ही भारत के कुछ तथाकथित विशेषज्ञों, विश्लेषकों और सोशल मीडिया के स्वयंभू ‘जियो-स्ट्रैटेजिक एक्सपर्ट्स’ ने इसे इस प्रकार प्रस्तुत करना शुरू कर दिया मानो भारत अपनी ऊर्जा नीति तय करने के लिए अमेरिका से अनुमति लेता हो। कुछ लोगों ने तो यह तक कहना शुरू कर दिया कि भारत वैश्विक दबाव में झुक गया है। लेकिन यदि तथ्यों की कसौटी पर इस पूरे प्रकरण को परखा जाए, तो यह कथन वास्तविकत...