नेपाल की बाढ़, हिमालय का संकट और भारत–नेपाल संबंध
नेपाल की बाढ़, हिमालय का संकट और भारत–नेपाल संबंध हिमालयी आपदा, भारत की सहायता और हिंदुत्व की सांस्कृतिक राष्ट्रदृष्टि से बदलते समीकरण प्रस्तावना : जब हिमालय ने चेतावनी दी 26 अगस्त 2026 को नेपाल–चीन सीमा के निकट हिमालय के लैंगटांग क्षेत्र में घटी एक भीषण प्राकृतिक घटना ने पूरे दक्षिण एशिया को झकझोर दिया। हिमनद और पर्वतीय चट्टान के अचानक ढहने से विशाल मात्रा में बर्फ, पत्थर और मलबा नीचे आया और उसने नदी तंत्र को विनाशकारी बाढ़ में बदल दिया। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार घटना का स्रोत लैंगटांग लिरुंग के उत्तरी हिस्से में स्थित एक हिमाच्छादित पर्वतीय ढलान था। इससे उत्पन्न मलबा प्रवाह और बाढ़ लगभग 100 किलोमीटर तक नीचे पहुँची और त्रिशूली तथा भोटेकोशी नदी प्रणालियों को प्रभावित किया। घटना से उत्पन्न भूकंपीय ऊर्जा लगभग 5.2 तीव्रता के भूकंप के बराबर थी, हालांकि यह भूकंप नहीं था। ( United States Geological Survey ) 29 अगस्त तक उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार नेपाल में मृतकों की संख्या 669 हो चुकी थी, जबकि लगभग 2,426 लोग नेपाल में लापता बताए गए। चीन के तिब्बती क्षेत्र में भी सात मौत...