राम मंदिर दानपात्र चोरी: संघ का स्पष्ट संदेश—आस्था पर आघात स्वीकार नहीं, दोषियों को कठोर दंड मिले
राम मंदिर दानपात्र चोरी: संघ का स्पष्ट संदेश—आस्था पर आघात स्वीकार नहीं, दोषियों को कठोर दंड मिले लेखक : मनमोहन पुरोहित 'मनु महाराज' जब आस्था पर आघात हुआ, तब जिम्मेदारी का स्वर भी सुनाई दिया अयोध्या का श्रीराम जन्मभूमि मंदिर करोड़ों हिन्दुओं की श्रद्धा, आस्था और पाँच शताब्दियों के संघर्ष का प्रतीक है। ऐसे मंदिर के दानपात्रों में श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित धन की चोरी केवल एक आपराधिक घटना नहीं है; यह करोड़ों रामभक्तों की भावनाओं को आहत करने वाली घटना है। ऐसे समय में सामान्यतः संस्थाएँ या तो मौन साध लेती हैं अथवा रक्षात्मक मुद्रा अपना लेती हैं। लेकिन 3 जुलाई 2026 को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले द्वारा जारी वक्तव्य ने एक भिन्न उदाहरण प्रस्तुत किया। संघ ने क्या कहा? अपने आधिकारिक वक्तव्य में सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने कहा— "श्री राम जन्मभूमि पर निर्मित भव्य मंदिर पीढ़ियों के संघर्ष और करोड़ों रामभक्तों के समर्पण, त्याग एवं बलिदान के कारण संपूर्ण हिन्दू समाज के लिए श्रद्धा, आस्था और भक्ति का केन्द्र बना है।" उन्होंन...