"ईरान का परमाणु संकट: इतिहास, वर्तमान और एक संभावित टकराव की ओर बढ़ता विश्व"
भूमिका: विश्व राजनीति में यदि कोई मुद्दा दशकों से अनसुलझे तनाव और शक्ति संघर्ष का प्रतीक रहा है, तो वह है — ईरान का परमाणु कार्यक्रम। यह केवल ईरान बनाम पश्चिम नहीं है, बल्कि इसमें इज़राइल, सऊदी अरब, रूस, चीन, और अमेरिका जैसे अनेक हितधारी शामिल हैं। हाल ही में इज़राइल द्वारा ईरानी परमाणु ठिकानों पर किए गए हमलों ने एक बार फिर इस मुद्दे को वैश्विक चिंता के केंद्र में ला दिया है। 1. ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य: ईरान का परमाणु कार्यक्रम कैसे शुरू हुआ? 1950 के दशक में आरंभ: ईरान का परमाणु कार्यक्रम अमेरिका की मदद से 1957 में "Atoms for Peace" पहल के तहत शुरू हुआ। उस समय ईरान में शाही शासन था और अमेरिका का सहयोगी था। 1979 की इस्लामी क्रांति: अयातुल्लाह खोमैनी के नेतृत्व में सत्ता परिवर्तन हुआ। इसके बाद पश्चिमी देशों का सहयोग समाप्त हो गया और परमाणु कार्यक्रम ठप पड़ गया। 1990 के दशक में पुनर्जीवन: नए सिरे से परमाणु गतिविधियों को गति दी गई। पश्चिम को संदेह होने लगा कि ईरान गुप्त रूप से परमाणु हथियार विकसित कर रहा है। 2. 2002–2015: बढ़ते तनाव और अंतर्राष्ट्रीय निगरानी ...