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आज अयोध्या में सजेगा राम दरबार

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 राम नगरी अयोध्या फिर सज धज कर तैयार है. सरयू से लेकर राम मंदिर (Ayodhya Ram Temple) तक उत्सव का माहौल है. रामलला तो पहले ही आ चुके हैं. अब मर्यादा पुरुषोत्तम राम का आगमन हो रहा है. 5 जून को पूरे विधि विधान के साथ खास अभिजीत महूर्त में राम दरबार की प्राण प्रतिष्ठा (Ram Darbar Pran Pratishtha) होगी. इसके लिए करीब 17 मिनट का शुभ मुहूर्त तय किया गया है. यानी कि दिन में 11:25 बजे से 11:40 के बीच राम दरबार की प्राण प्रतिष्ठा होनी है. इस दौरान पूरा मंदिर परिसर खास वैदिक मंत्रों से गूंज उठेगा. जानकारी के मुताबिक, अयोध्या और काशी के 101 आचार्य मंत्रोच्चार और विधि विधान के साथ प्राण प्रतिष्ठा संपन्न कराएंगे. इस खास पल का इंतजार अयोध्या ही नहीं पूरे देश को है. अयोध्या राम मंदिर में माचिस या कपूर के बिना अग्नि प्रज्वलित, जानिए प्राण-प्रतिष्ठा में क्या-क्या हो रहे विशेष अनुष्ठान? राम दरबार में विराजमान होंगे कौन से भगवान भगवान राम के दरबार में भगवान राम, मां सीता, परम भक्त हनुमान के साथ ही भगवान राम के तीनों भाई लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न की भी प्रतिमाएं विराजमान हैं. राम दरबार की स्था...

रामराज्य और राम मंदिर: आधुनिक भारत में प्रासंगिकता और वर्तमान भारत

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              चित्र साभार गूगल रामराज्य और राम मंदिर: आधुनिक भारत में प्रासंगिकता और वर्तमान भारत  रामराज्य की स्थापना कोई एक दिन का काम नही है। इसके लिए एक तरफ भगवान श्रीराम को 14 वर्ष वन में तपना पड़ा तो दूसरी तरफ भरत को नगर से बाहर रहकर शासन प्रशाशन सम्भालते हुए तपस्या करनी पड़ी थी।                चित्र साभार गूगल रामराज्य भरतीय हिन्दू संस्कृति का आदर्श शासन प्रतिरूप है, जिसमें नागरिकों की धर्म, न्याय, समानता में निष्ठा और उनकी समृद्धि सर्वोपरि हैं। तुलसीदासजी ने रामचरित्र मानस में इसे शोक और भयमुक्त समाज का प्रतीक बताते हुए लिखा: "राम राज बैठे त्रिलोका। हरषित भए गए सब सोका।।" भारत में 2024 में 500 वर्ष के राममंदिर संघर्ष के बाद राममंदिर की पुनर्स्थापना रामराज्य स्थापना का प्रतीक है। किन्तु इसका प्रारम्भ पहले हो चुका। आज, आधुनिक भारत में रामराज्य की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में सरकार की अनेक योजनाएँ और प्रयास देखे जा सकते हैं, जो समाज के हर वर्ग को सशक्त और समृद्ध बनाने का लक्ष्य रखते हैं...