होली: एक वैज्ञानिक दृष्टिकोण से होली भारत का एक प्रमुख और रंगीन त्योहार है, जो हर साल बडे़ धूमधाम से मनाया जाता है। यह पर्व खासतौर पर प्रेम, भाईचारे, और सामाजिक मेलजोल का प्रतीक माना जाता है, लेकिन इसके पीछे कुछ वैज्ञानिक कारण भी छुपे हुए हैं, जो इस पर्व को और भी महत्वपूर्ण बनाते हैं। बसंत पंचमी के साथ ही प्रकृति में आने वाले परिवर्तन और होली के समय में मौसम का बदलाव विभिन्न वैज्ञानिक पहलुओं को दर्शाता है। आइए जानें कि होली के पर्व से जुड़े कुछ वैज्ञानिक कारण क्या हैं: 1. बैक्टीरिया का नाश होली से पहले होलिका दहन की परंपरा है, जिसे सर्दियों के अंत और वसंत ऋतु के आगमन के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। इस समय वातावरण में बैक्टीरिया और कीटाणुओं की वृद्धि होती है। होलिका दहन में आग के संपर्क से वातावरण में मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया नष्ट हो जाते हैं। यह प्रक्रिया एक प्राकृतिक स्वच्छता का काम करती है, जो स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होती है। इससे न सिर्फ शरीर में बैक्टीरिया की संख्या कम होती है, बल्कि वातावरण भी शुद्ध होता है। 2. पर्यावरण की सफाई ...