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मई 16, 2021 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

आतंक से पीड़ित विश्व को इज़राईल जैसा जीवट चाहिए

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जहां एक तरफ इस्लामिक आतंकवाद से पूरी दुनिया त्रस्त हैं और तथाकथित बुद्धिजीवी नव-वामपंथी इस सच को झुठलाने में लगे है। वे आज भी आतंकवाद का धर्म तलाश नहीं पाए है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति ट्रम्प ने अवश्य हिम्मत करके इस्लामिक आतंक शब्द का उपयोग किया था। वहीं दूसरी तरफ इशलमिक आतंक से निपटने में जैसी जीवटता मात्र 87 लाख यहुदी आबादी वाले एक मात्र देश इजराइल ने दिखाई है, वैसी जीवटता दुनिया की कोई जाति/देश आज तक नहीं दिखा सका। इजरायल ने विगत दिनों में जिन हमास कमांडरों (इस्लामिक आतंकियों) और संचालकों को ढेर किया है उनमें से 14 खूंखार आतंकियों की बाकायदा तस्वीरें भी जारी की है। तस्वीरें जारी करते हुए कहा कि हमास के ये चौदह कमांडर अब इजरायल के लिए कोई खतरा नहीं रह गए हैं! इजरायल ने उन 14 हमास कमांडरों की लिस्ट भी जारी की है। ये वो कमांडर है जिन्होंने पिछले कुछ दिनों से पूरे देश की नाक में दम कर रखा था। किंतु इजरायल ने साथ ही ये भी कहा है कि अब इनमें से कोई भी इजरायल की नाक में दम नहीं कर सकता। क्योंकि इजरायली सुरक्षा बलों ने उन्हें ढेर कर दिया है। इजरायल द्वारा ढ़ेर किये गए इन 14 आतंकिय...
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चाईनीज़ कोरोनावायरस: कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी के 18 वैज्ञानिकों ने लिखा पत्र, WHO से चीन को मिले क्लीन चिट पर जताया संदेह जिस तरह से पूरी दुनिया यह जान चुकी है कि चाईनीज़ कोरोनावायरस की उत्पत्ति चीन से हुई है और चीनी कम्युनिस्ट पार्टी ने लगातार लापरवाही बरतते हुए या जानबूझकर पूरे विश्व में वायरस को फैलाने की नियत से इसकी जानकारियों को छुपाए रखा और वर्तमान में भी वायरस से संबंधित किसी भी जानकारी को सार्वजनिक नहीं कर रहा है। इसके अलावा जिस तरह से कई अहम दस्तावेज और सबूत सामने आए हैं कि चीन कैसे जैविक हथियार बनाने का प्रयास कर रहा था और हथियार का उपयोग करने की साजिश रच रहा था। इन दस्तावेजों और रिपोर्ट के सामने आने के बाद यह बात भी कही जा रही है कि चाईनीज़ कोरोनावायरस कोई प्राकृतिक वायरस नहीं बल्कि चीन का एक जैविक हथियार है। इसकी उत्पत्ति को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन अर्थात डब्ल्यूएचओ ने चीन में जांच करने के बाद चीनी कम्युनिस्ट सरकार को पूरी तरह से क्लीनचिट दे दिया है। लेकिन इस मामले को लेकर दुनिया भर के वैज्ञानिकों की राय बिल्कुल अलग है। दुनिया भर के वैज्ञानिक इस बात का खंडन करने से इ...

इसी वर्ष भारत में सम्पूर्ण वेक्सिनेशन हो जाएगा, रोडमेप जारी किया

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भारत में तबाही मचा रही कोरोना की दूसरी लहर से लड़ने के लिए केन्द्र सरकार युद्धस्तर पर कार्य कर रही है। इसी के साथ केंद्र सरकार ने 18 वर्ष से ऊपर के सभी लोगो को 2021 के अंत तक कोरोना टीकाकरण के अभियान को पूरा करने का रोडमैप प्रस्तुत  कर दिया है। इस साल के अंत तक 18 वर्ष की आयु से अधिक के सभी लोगो को कोरोना वैक्सीन के दोनों डोज़ लग जाएंगे। जुलाई तक 51.6 करोड़  वैक्सीन के डोज़ की उपलब्धता होगी। जिस प्रकार से काँग्रेस और अन्य विपक्षी पार्टियां वैक्सीन की कमी पर लगातार केन्द्र सरकार पर तंज कस रहे थे उसे देखते हुए केन्द्र सरकार ने देश के लोगो के प्रति अपनी निष्ठा और जिम्मेदारी को सबके सामने दर्शाया है ताकि सभी विपक्षियों को ये साफ समझ आये की केन्द्र सरकार देश की आम जनता की जान और माल को लेकर  बहुत  गंभीर है।  • वैक्सीन टास्क फ़ोर्स प्रमुख डॉ. पाल ने लगाया चीन के आकड़ो पर प्रश्नचिन्ह चीन ने जिस प्रकार से अपने देश मे कोरोना वैक्सीनेसन का आंकड़ा जाहिर किया है उसपर सवालिया निशान उठाते हुए वैक्सीन टास्क फ़ोर्स के प्रमुख डॉ. वी.के. पाल ने कहा कि अमेरिका ही पूरे विश्व मे एक अकेला ऐसा देश है...